चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य में धान की खरीद के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। शुरू हो रहे इस खरीद सीजन के लिए राज्य भर की 1822 मंडियों (अनाज मंडियों) को पूरी तरह से तैयार किया गया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि किसानों को उनके धान का भुगतान तुरंत मिल सके। हालाँकि, इस बार का सीजन किसानों के लिए कई चुनौतियाँ लेकर आया है।
इस सीजन के दौरान लगभग 130 लाख मीट्रिक टन धान के खरीदे जाने का अनुमान है। सरकार ने किसानों के भुगतान में किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए हर जरूरी इंतजाम किए हैं। सभी मंडियों में धान की खरीद, भंडारण और वजनी के लिए जरूरी उपकरण और स्टाफ तैनात किया गया है।
बाढ़ और अत्यधिक नमी ने बिगाड़ी किसानों की मेहनत
इस साल मानसून के दौरान हुई भारी बारिश और बाढ़ ने पंजाब के कई जिलों में खड़ी फसल को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया है। फसल कटाई के समय खेतों में जमा पानी और बढ़ी हुई नमी के कारण किसानों को अपनी फसल काटने में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों का कहना है कि नमी के कारण धान के दानों में अंकुरण (स्प्राउटिंग) होना शुरू हो गया है, जिससे उनकी फसल की गुणवत्ता और बाजार में कीमत दोनों घट गई है।
किसानों की मुश्किलें
अमृतसर के एक किसान सुरजीत सिंह ने बताया, “हमने पूरी मेहनत की, लेकिन बारिश ने सब बर्बाद कर दिया। फसल में नमी आ गई है, जिससे मंडी में हमें उसका सही दाम नहीं मिल पाएगा। सरकार ने मंडियाँ तो तैयार कर दी हैं, लेकिन खराब हुई फसल का क्या होगा?”
सरकार का दावा
सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि वह प्रभावित किसानों की स्थिति का जायजा ले रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी लेकर आएं, ताकि उन्हें गुणवत्ता के आधार पर उचित मूल्य मिल सके।
निष्कर्ष
आज के इस टॉपिक में हमने आपको पंजाब में बाढ़ हुए इसके बारे में जानकारी देने की पूरा प्रयास किया था आपको यह आर्टिकल कैसा लगा अच्छा लगा तो अपने दोस्तों और अपनी फैमिली के साथ यह आर्टिकल ज्यादा ज्यादा शेयर कीजिए धन्यवाद आपने यह आर्टिकल पढ़ा है ?