Anish Giri and Vaishali create history at the FIDE Grand Swiss 2025: शतरंज जगत में भारत-नीदरलैंड्स का दबदबा

समरकंद में आयोजित प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंट में अनिश गिरि और भारत की वैशाली ने जीती शानदार जीत

सितंबर 18, 2025 – उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक शहर समरकंद में आयोजित FIDE ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट 2025 ने शतरंज जगत को दो नए चैंपियन दिए। नीदरलैंड्स के ग्रैंडमास्टर अनिश गिरि ने ओपन सेक्शन में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि भारत की ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू ने लगातार दूसरी बार महिला वर्ग का खिताब अपने नाम किया। यह टूर्नामेंट 3 से 15 सितंबर तक सिल्क रोड एक्सपो सेंटर में आयोजित किया गया था।

टूर्नामेंट का महत्व और प्रारूप

FIDE ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट विश्व शतरंज चैंपियनशिप चक्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें शीर्ष दो खिलाड़ियों को कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में प्रवेश का मौका मिलता है। इस वर्ष के टूर्नामेंट में 11 राउंड की स्विस प्रणाली के तहत 116 खिलाड़ियों ने भाग लिया। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में कुल $625,000 की पुरस्कार राशि वितरित की गई, जिसमें विजेता को $90,000 मिले।

तालिका: FIDE ग्रैंड स्विस 2025 – ओपन सेक्शन में शीर्ष पांच खिलाड़ी

स्थानखिलाड़ीदेशरेटिंगस्कोरपुरस्कार ($)
1अनिश गिरिनीदरलैंड्स27468.0/1190,000
2मथिआस ब्लूबमजर्मनी26717.5/1162,333
3अलिरेजा फिरोजजाफ्रांस27547.5/1162,333
4विंसेंट कीमरजर्मनी27517.5/1162,333
5अभिमन्यु मिश्राUSA26117.0/1115,280

अनिश गिरि की शानदार वापसी

31 वर्षीय अनिश गिरि ने 8/11 का स्कोर हासिल करके अपने करियर में तीसरी बार कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में प्रवेश का मौका हासिल किया। गिरि ने 2016 और 2020/21 में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भाग लिया था, लेकिन पिछले दो संस्करणों में वह छूट गए थे। इस जीत ने उन्हें दुनिया की टॉप-10 रेटेड खिलाड़ियों की सूची में वापस ला दिया है।

अपने आखिरी राउंड के मैच में, गिरि ने अमेरिकी खिलाड़ी हांस निएमन को हराया। इस जीत के बारे में गिरि ने बताया, “मैंने पिछली रात इस जीत की कल्पना की थी। मैंने खुद को जीतते हुए देखा। फिर मैंने थोड़ा आगे बढ़कर सोचा कि कैंडिडेट्स के लिए मेरी टीम में कौन होगा, लेकिन मैंने वहीं रुकने का फैसला किया क्योंकि यह बहुत दूर की सोच थी”।

गिरि की जीत उनके लिए एक परी कथा जैसी थी, क्योंकि वह टूर्नामेंट के फेवरिट नहीं थे और न ही कभी अग्रणी रहे थे। उन्होंने कहा, “मैं केवल एक सामान्य खिलाड़ी था। मैं कभी भी फेवरिट नहीं था, मैं कभी भी लीडर नहीं था, बस एक खराब टाईब्रेक के साथ बराबरी पर था”।

वैशाली का ऐतिहासिक दूसरा खिताब

भारत की वैशाली रमेशबाबू ने महिला वर्ग में 8/11 का स्कोर हासिल करके लगातार दूसरी बार ग्रैंड स्विस का खिताब जीता। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। वैशाली ने कीमती टाईब्रेक के आधार पर रूस की कातेरीना लाग्नो को पीछे छोड़ा, और दोनों खिलाड़ी 2026 महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर गए।

वैशाली ने टूर्नामेंट की शुरुआत जबरदस्त तरीके से की और तीन लगातार जीत हासिल की। सातवें राउंड के बाद वह 6/7 के स्कोर के साथ एकमात्र नेता बन गईं। आठवें राउंड में बिबिसारा असौबायेवा से हार के बाद, उन्होंने सांग युक्सिन के साथ ड्रॉ और मारिया मुज़िचुक के खिलाफ महत्वपूर्ण जीत हासिल की।

अंतिम राउंड में, वैशाली ने पूर्व महिला विश्व चैंपियन तान जोंगयी के खिलाफ काले मोहरों से 43 चालों में ड्रॉ हासिल किया, जो उनके लिए शीर्ष स्थान सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त था।

तालिका: FIDE महिला ग्रैंड स्विस 2025 – शीर्ष पांच खिलाड़ी

स्थानखिलाड़ीदेशरेटिंगस्कोरकैंडिडेट्स क्वालीफाई
1वैशाली रमेशबाबूभारत24528.0/11हाँ
2कातेरीना लाग्नोरूस25058.0/11हाँ
3बिबिसारा असौबायेवाकजाखस्तान25057.5/11नहीं
4तान जोंगयीचीन25317.5/11पहले से क्वालीफाई
5सांग युक्सिनचीन24097.5/11नहीं

नाटकीय अंतिम राउंड

टूर्नामेंट का अंतिम दिन काफी रोमांचक और नाटकीय रहा। ओपन सेक्शन में पांच खिलाड़ी – ब्लूबम, फिरोजजा, गिरि, निएमन और कीमर – शीर्ष दो स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। तनाव इतना था कि पिछले दिनों की तरह प्रशंसकों के साथ तस्वीरें खिंचवाने के बजाय, खिलाड़ी सीधे अंदर चले गए और अपने गेम पर ध्यान केंद्रित किया।

गिरि और निएमन के बीच का मुकाबला सबसे अधिक प्रत्याशित था। दोनों खिलाड़ियों को कैंडिडेट्स में स्थान पक्का करने के लिए जीत की आवश्यकता थी। गिरि ने अंग्रेजी ओपनिंग खेली और दो बिशप का लाभ हासिल कर लिया। 32वीं चाल में निएमन ने एक गंभीर गलती की, जिसका गिरि ने पूरा फायदा उठाया।

गिरि ने बाद में विश्लेषण करते हुए कहा, “मेरे पास एक मुश्किल विकल्प था – मैं बिशप को हिल सकता था या फिर b3 पर किश्ती से वार कर सकता था। मेरा तर्क था कि अगर बिशप को हिलाना जीतता है, तो ठीक है। लेकिन अगर b3 पर वार करने से जीत मिलती है और मैं ऐसा नहीं करता हूं और कैंडिडेट्स के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाता, तो मैं खुद को कभी माफ नहीं कर पाऊंगा”।

हिंदी दिवस और भारतीय उपलब्धि

यह संयोग ही है कि ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट का समापन हिंदी दिवस (14 सितंबर) के आसपास हुआ, जिस दिन हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया था। वैशाली की जीत इस दिवस को और भी खास बना गई, क्योंकि एक भारतीय खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया।

हिंदी दिवस 2025 की थीम “हिंदी: राष्ट्रीय एकता और वैश्विक पहचान की शक्ति” होने की उम्मीद है, और वैशाली की जीत ने निश्चित रूप से शतरंज के क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत किया है।

वैशाली के भाई प्रग्गानंधा और उनकी मां नागालक्ष्मी ने उनकी इस ऐतिहासिक जीत का जश्न समरकंद में ही मनाया। प्रग्गानंधा, जो खुद टूर्नामेंट में भाग ले रहे थे, ने 6/11 का स्कोर हासिल किया।

भविष्य की संभावनाएं

गिरि और वैशाली दोनों अब 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की तैयारी करेंगे, जिसके विजेता को विश्व शतरंज चैंपियनशिप के लिए चुनौती देने का मौका मिलेगा। गिरि का कहना है कि उन्होंने खुद को विश्व चैंपियन बनने का सपना देखना शुरू कर दिया है: “गुकेश विश्व चैंपियन बन सकते हैं […] मैं क्यों नहीं बन सकता?”

वैशाली के लिए, यह कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में उनका दूसरा प्रदर्शन होगा। 2024 महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में उन्होंने अपने आखिरी पांच गेम जीते थे और 7.5/14 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं।

निष्कर्ष

2025 FIDE ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट ने शतरंज प्रेमियों को कई यादगार पल दिए। अनिश गिरि की वापसी और वैशाली की ऐतिहासिक बैक-टू-बैक जीत ने इस टूर्नामेंट को खास बना दिया। जर्मनी के मथिआस ब्लूबम ने भी कैंडिडेट्स में जगह बनाकर सबको चौंका दिया।

शतरंज की दुनिया अब 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार कर रही है, जहाँ गिरि और वैशाली दोनों ही विश्व खिताब की राह देखने वाली प्रतिस्पर्धा में भाग लेंगे।

भारत और नीदरलैंड्स की यह जीत न केवल उनके लिए, बल्कि उनके देशों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है, और यह साबित करती है कि मेहनत और लगन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

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