गोरखपुर जिले में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची की बड़ी जांच शुरू हो गई है। सॉफ्टवेयर के जरिए हुई पड़ताल में करीब 5.16 लाख संभावित डुप्लिकेट नाम सामने आए हैं। अब इन नामों का सत्यापन होगा और गलत पाए जाने पर उन्हें सूची से हटा दिया जाएगा।
कैसे हुआ खुलासा
सूची में मौजूद मतदाताओं के नाम और अन्य विवरण का सॉफ्टवेयर के माध्यम से मिलान किया गया। इसी जांच में यह बड़ी संख्या सामने आई, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
सत्यापन की प्रक्रिया
जिला प्रशासन और चुनाव की टीमें गांव-गांव जाकर घर-घर मतदाताओं का सत्यापन करेंगी।
- दोहराए गए नाम हटेंगे।
- फर्जी नाम सूची से बाहर किए जाएंगे।
- असली मतदाताओं की पहचान मजबूत होगी।
क्यों है यह कदम जरूरी
- पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए।
- फर्जी वोटिंग रोकने के लिए।
- मतदाताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए।
आगे की तैयारी
सत्यापन पूरा होने के बाद गोरखपुर में पंचायत चुनाव और भी पारदर्शी और निष्पक्ष होने की उम्मीद है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गोरखपुर के मतदाता अब इस प्रक्रिया पर नज़रें गड़ाए हुए हैं, ताकि सही और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके।
लेखक: अवनीश