राजनीतिक गलियारों में इस समय दो बड़ी खबरें छाई हुई हैं। एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गृह राज्य गुजरात में विकास योजनाओं का शुभारंभ कर रहे हैं और चुनावी रैलियों में जनता से रूबरू हो रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा के एक विवादास्पद बयान ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को गर्मा दिया है।
PM मोदी का गुजरात दौरा: विकास और विश्वास की रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के द्वारका और सोमनाथ में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें शामिल हैं:
* द्वारका में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स: शहर के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए多项 परियोजनाओं का शुभारंभ।
* सोमनाथ मंदिर कॉरिडोर: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक भव्य कॉरिडोर का निर्माण, जो तीर्थयात्रियों के अनुभव को और समृद्ध बनाएगा।
* चुनावी रैली: गुजरात में भाजपा की स्थिति को मजबूत करने के लिए एक बड़ी रैली को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र किया।
मोदी के इस दौरे को गुजरात में पार्टी की साख मजबूत करने और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने की एक सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
सैम पित्रोदा के बयान ने झटका, विपक्ष में मचा हड़कंप
इस बीच, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के विश्वस्त और वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने एक इंटरव्यू में ऐसा बयान दे दिया, जिसने उनकी अपनी पार्टी समेत पूरे विपक्ष को झटके में डाल दिया। पित्रोदा ने “भारत की विविधतापूर्ण पहचान” पर सवाल उठाते हुए एक ऐसा उदाहरण दिया जिसे “रंगभेदी और अत्यंत संवेदनशील” बताया जा रहा है।
उनके इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा हो गया और भाजपा नेता एक्टिव हो गए। भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह “कांग्रेस की मानसिकता और उनके नेताओं की सोच” को दर्शाता है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया: नुकसान नियंत्रण की कोशिश
विवाद बढ़ता देख कांग्रेस ने तुरंत नुकसान नियंत्रण (Damage Control) की कोशिश शुरू कर दी। पार्टी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि “पित्रोदा के विचार पार्टी के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते।” सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के भीतर भी पित्रोदा के बयान से काफी नाराजगी है और इसकी वजह से आलाकमान में बवाल मचा हुआ है।
यह पहली बार नहीं है जब सैम पित्रोदा के बयानों ने कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं। पिछले भी उनकी टिप्पणियों को लेकर पार्टी को बचाव के मोड में आना पड़ा था।
निष्कर्ष: राजनीति का नया मोड़
गुजरात में PM मोदी के दौरे से मिल रहे “पॉजिटिव पब्लिसिटी” के बीच सैम पित्रोदा के बयान ने कांग्रेस के लिए एक नया संकट खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस विवाद से कितनी जल्दी उबर पाती है और भाजपा इस मौके का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए किस रणनीति पर काम करती है।
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