देहरादून में बादल फटने से तबाही: 17 लोग लापता, बचाव दल जुटे

देहरादून उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के कैम्पटी फॉल इलाके में बुधवार देर रात अचानक आए बादल फटने की वजह से भारी तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 17 लोग लापता हैं, जबकि कई घर और वाहन बह गए हैं। प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। लापता लोगों को तलाशने और फंसे हुए लोगों को निकालने का काम तेजी से चल रहा है। मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे बचाव कार्य में चुनौतियां बढ़ गई हैं।

दरअसल, बुधवार रात करीब 10:30 बजे अचानक कैम्पटी फॉल क्षेत्र में जोरदार बादल फटा। इससे अचानक ही पहाड़ियों से पानी और मलबे का एक शक्तिशाली सैलाब नीचे की ओर बह निकला। इस सैलाब ने रास्ते में आए कई झोपड़ियों, दुकानों और वाहनों को अपने साथ बहा लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों को समझने का मौका तक नहीं मिला।

बचाव कार्य में जुटी एजेंसियां

इस आपदा से निपटने के लिए कई एजेंसियां एक साथ काम कर रही हैं:

एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की दो टीमें मौके पर तैनात हैं। वे अपने विशेष उपकरणों और प्रशिक्षण के बल पर फंसे हुए लोगों को बचाने में जुटी हैं।

स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौजूद हैं, राहत शिविर लगाए गए हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।  सेना और एयर फोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर हेलिकॉप्टर के जरिए मदद उपलब्ध कराई जा सके।

प्रशासन की ओर से जारी है चेतावनी

जिला प्रशासन ने देहरादून और आसपास के इलाकों के लोगों से अपील की है कि वे अगले 24-48 घंटों के दौरान नदियों और नालों के किनारे न जाएं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि मदद की जरूरत वाले लोग संपर्क कर सकें।

मौसम विभाग का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है और आने वाले 2-3 दिनों में और भारी से very heavy बारिश (बहुत भारी बारिश) की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में बेहतर अर्ली वार्निंग सिस्टम और आपदा प्रबंधन की अहमियत को रेखांकित कर दिया है। फिलहाल, सभी की नजर बचाव कार्यों पर टिकी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सभी लापता लोग सुरक्षित मिल जाएंगे।

निष्कर्ष 

आज के इस टॉपिक में हमने आपको देहरादून बादल फटने के बारे में जानकारी देने का पूरा प्रयास किया हैआपको या आर्टिकल कैसा लगा अच्छा लगा हो तोदोस्तों और फैमिली को शेयर करेंधन्यवाद आपने हमारा आर्टिकल पढ़ा है

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