हेलो दोस्तों मैं अवनीश कुमार आपका स्वागत करता हूँ आज की न्यूज़ में। इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि किस तरह से रजिस्ट्री में पैन और आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर फर्जीवाड़े किए जा रहे हैं। लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिससे आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आइए जानते हैं पूरी खबर विस्तार से।
लखनऊ। राजधानी में जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वजह यह है कि आधार कार्ड का सत्यापन अभी तक रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग नकली आधार कार्ड और पहचान पत्र का इस्तेमाल करके जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।
हालांकि पैन कार्ड का सत्यापन रजिस्ट्री में अनिवार्य किया गया है, लेकिन आधार कार्ड को लिंक करने की योजना अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। इस कारण धोखाधड़ी करने वालों को रोकना मुश्किल हो रहा है।
नकली पहचान पत्रों के सहारे की जा रही इन रजिस्ट्री से असली मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जमीन विवाद के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और पीड़ितों को लंबे समय तक न्याय के लिए भटकना पड़ता है।
जानकार मानते हैं कि यदि आधार का ऑनलाइन सत्यापन लागू कर दिया जाए तो फर्जीवाड़े पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। इसके साथ ही बायोमेट्रिक जांच और रिकॉर्डिंग प्रणाली को मजबूत करना भी जरूरी है, ताकि धोखाधड़ी करने वालों की कोशिशें शुरुआत में ही पकड़ ली जाएं।
लखनऊ में रजिस्ट्री से जुड़े बढ़ते मामले अब प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गए हैं। जनता की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार विभाग जल्द ही सख्त कदम उठाकर इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाएंगे।
नकली पैन और आधार से रजिस्ट्री: नौ जिलों में बढ़ा फर्जीवाड़ा
लखनऊ। आयकर विभाग की जांच में लखीमपुर सहित नौ जिलों में गलत पैन नंबर का इस्तेमाल कर रजिस्ट्री कराने के मामले सामने आए हैं। यही नहीं, पैन नंबर के साथ नकली आधार कार्ड भी उपयोग किए जा रहे हैं।
राजधानी लखनऊ में ही पिछले एक वर्ष में करीब दो दर्जन रजिस्ट्री ऐसे पकड़ी गई हैं जिनमें नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया। चूंकि निबंधन विभाग के पास आधार की जांच की कोई व्यवस्था अब तक मौजूद नहीं है, इसलिए जालसाज आसानी से दूसरों को खड़ा कर जमीन-जायदाद पर कब्जा कर रहे हैं।
हाल ही में सरकार ने पैन कार्ड की जांच की प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है, लेकिन आधार को रजिस्ट्री से जोड़ने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक आधार को सीधे रजिस्ट्री प्रणाली से लिंक नहीं किया जाएगा, तब तक इस तरह की धोखाधड़ी पर रोक लगाना मुश्किल रहेगा।
लखनऊ और अन्य जिलों में लगातार बढ़ रहे ये मामले साफ संकेत दे रहे हैं कि संपत्ति संबंधी कार्यों में पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए आधार सत्यापन को तत्काल लागू करना जरूरी है।
तो दोस्तों, आज की न्यूज़ में बस इतना ही। मैं अवनीश कुमार आपसे विदा लेता हूँ। उम्मीद करता हूँ कि यह जानकारी आपके काम आएगी और आपको जागरूक बनाएगी।अपनी राय और सुझाव हमें कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखें, क्योंकि आपकी प्रतिक्रिया हमें और बेहतर करने की प्रेरणा देती है। धन्यवाद!