Himachal Pradesh: मानसून की तबाही और उम्मीद की किरण 

नमस्कार दोस्तों मैं हूं kirti yadav और मैं आपके लिए आज लेकर आई हूं हिमाचल प्रदेश की कुछ भयानक घटनाएं और साथ में एक उम्मीदनई किरण जो आपको बताएगी कि हिमाचल प्रदेश में अब तक क्या-क्या हुआ और क्या-क्या होने वाला  है हिमाचल प्रदेश जो अपनी खूबसूरत वादियां और सुकून भरे पहाड़ों के लिए जाना जाता है इन दिनों प्रकृति के प्रकोप से जूझ रहा है लगातार हो रही बारिश के कारण कई लोगों के घर डूब गए और 400 से ज्यादा लोग मर चुके हैं अब क्या ही बताएं इस बारिश का कारण इस बारिश का कारण तबाही है या लोगों की जान की कीमत कहीं घर डूब चुके हैं कई लोगों के उम्मीदें डूब चुकी हैं हिमाचल प्रदेश के लोगों में बहुतही ही गरीबी से जूझ रहे हैं इस हादसे से यह पता चलता है की पहाड़ी लोगों की जिंदगी कितनी कष्ट में होती है उन लोगों के लिए एक छोटी सी बारिश भी बड़ी सी तूफान में बदल सकती है 

इंसानी असर 

हर आंकड़े के पीछे एक दर्द ना कहानी है मंडी के कुछ गांव कुछ परिवारों के घर पल भर में मिट्टी में मिल गए किसानों के खेत पानियों में बह गए बाजार की दुकान यूं ही टूट गई पर वहां के लोग कुछ नहीं  कर पाए क्योंकि उनके हाथ में कुछ नहीं है हवाई और सड़के मलबे से बंद हो गई कई गाड़ियां उसमें दब गई कई गांव के संपर्क टूट गए और राहत बचाव दलों को वहां तक पहुंचने में भारी दिक्कतें आए बिजली और पानी की आपूर्ति भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई  इन सबके साथ-साथ कई बच्चों के सपने कई घरों वालों की कुछ उम्मीदें और भी बहुत कुछ डूब गया यह बारिश सिर्फ गांव ही नहीं हिमाचल प्रदेश के सड़के ही नहीं  बहुत सारी उम्मीदें और आशाएं भी मिटा  कर चली गई है 

सरकारी कार्य

स्थानीय स्वयंसेवक लगातार राहत बचाव में जुटे हैं कई स्थानीय राहत शिविर बनाए गए हैं केंद्र सरकार ने आर्थिक मदद का आश्रय आसान दिया है और दूर दराज के इलाज में हेलीकॉप्टर से खाने पीने का सामान भेजा जा रहा है फिर भी टूटी हुई सड़कों की वजह से राहत कार्य वह चुनौती पूर्ण बने हुए हैं बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की मदद कर रहे हैं वहां की पुलिस भी उनकी मदद कर रही है सरकार ने पूरी तरीके से उनकी मदद करने की कोशिश की हैपरबारिश ऐसी हुई है कि कई जगहों पर जय भी नहीं जा सकता हैयह कोई प्रलय है या कोई आने वाला नया संकट

निष्कर्ष 

हिमाचल प्रदेश को आज सिर्फ सहानुभूति की नहीं बल्कि लंबी अवधि की योजनाओं और मजबूत ढांचे की जरूरत है अभी के लिए हम सब का छोटा सा योगदान भी सबसे बड़ा सहारा हो सकता है जैसे की सत्यापित राहत में दान और दान देना और सही जानकारी फैलाना हिमाचल की वादियां फिर से मुस्कुराने लगे मुस्कुराएंगे लेकिन इसके लिए हमें भी उनके साथ खड़ा होना  होगा  

तो दोस्तों आपको हमारा लेकिन कैसा लगा हो आप हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा 

 

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