परिचय
आधुनिक तकनीक ने ड्रोन को हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बना दिया है। खेती से लेकर रक्षा, और मनोरंजन से लेकर सुरक्षा तक, ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन इसके साथ ही, ड्रोन से संबंधित घटनाएं, विशेष रूप से कैमरा ड्रोन से जुड़े उल्लंघन, भारत में एक गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। 18 सितंबर 2025 तक, भारत में ड्रोन कैमरा से संबंधित कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें गोपनीयता का उल्लंघन, सुरक्षा खतरे, और अवैध गतिविधियां शामिल हैं। यह लेख इन घटनाओं की संख्या और उनके प्रभावों का विश्लेषण करता है।
मुंबई की एक घटना से शुरुआत
मुंबई के एक व्यस्त इलाके, बांद्रा में रहने वाले अजय शर्मा को एक दिन अपने घर के ऊपर एक ड्रोन मंडराता हुआ दिखाई दिया। यह ड्रोन, जिसमें एक हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा लगा था, उनकी निजी संपत्ति के ऊपर उड़ रहा था। अजय ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया, और जांच में पता चला कि यह ड्रोन एक स्थानीय व्लॉगर द्वारा बिना अनुमति के उड़ाया जा रहा था। यह घटना उन कई मामलों में से एक है, जो भारत में ड्रोन कैमरा से संबंधित चिंताओं को उजागर करती है।
ड्रोन कैमरा घटनाओं की संख्या
18 सितंबर 2025 तक, भारत में ड्रोन से संबंधित घटनाओं की सटीक संख्या को ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि सभी घटनाएं आधिकारिक रूप से दर्ज नहीं की जातीं। हालांकि, कुछ विश्वसनीय स्रोतों और समाचार रिपोर्टों के आधार पर, हम निम्नलिखित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
- डी-फेंड सॉल्यूशंस की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2025 में ड्रोन से संबंधित कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से कुछ प्रमुख घटनाएं शामिल हैं:
- पिलिभीत, उत्तर प्रदेश (17 अगस्त 2025): पिलिभीत टाइगर रिजर्व में एक व्यक्ति ने अवैध रूप से ड्रोन उड़ाया, जिससे वन्यजीवों को खतरा पैदा हुआ।
- वाराणसी, उत्तर प्रदेश (5 अगस्त 2025): एक रेलवे प्लेटफॉर्म के पास कैमरा युक्त ड्रोन क्रैश हुआ, जिससे बम स्क्वॉड को बुलाना पड़ा। इसे एक कंटेंट क्रिएटर का ड्रोन माना गया।
- जैसलमेर, राजस्थान (11 अगस्त 2025): सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने लोंगेवाला सीमा के पास एक चीनी निर्मित जासूसी ड्रोन जब्त किया, जिसमें उच्च दक्षता वाला कैमरा था।
- डीजीसीए और अन्य स्रोत: नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, भारत में 29,500 से अधिक ड्रोन पंजीकृत हैं, और इनमें से कई ड्रोन कैमरे से लैस हैं। इनके अनधिकृत उपयोग ने कई घटनाओं को जन्म दिया है, जैसे कि नो-फ्लाई जोन में उड़ान, गोपनीयता उल्लंघन, और सुरक्षा खतरों। हालांकि, ड्रोन कैमरा से संबंधित विशिष्ट घटनाओं की कुल संख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, अनुमान के अनुसार 2025 में भारत में कम से कम 50-100 ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें कैमरा ड्रोन शामिल थे।
- सोशल मीडिया पर चर्चा: एक्स पर हाल की पोस्ट्स में ड्रोन के अवैध उपयोग की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है। उदाहरण के लिए, एक उपयोगकर्ता ने बताया कि भारत में कई ड्रोन शॉट्स, जैसे कि शहरों और राजमार्गों के वीडियो, नियमों का उल्लंघन करके लिए जाते हैं।
ड्रोन कैमरा घटनाओं के प्रकार
भारत में ड्रोन कैमरा से संबंधित घटनाएं निम्नलिखित श्रेणियों में बांटी जा सकती हैं:
- गोपनीयता उल्लंघन: निजी संपत्तियों या संवेदनशील क्षेत्रों के ऊपर ड्रोन उड़ाने की घटनाएं, जैसे कि मुंबई में अजय के मामले में।
- सुरक्षा खतरे: सीमावर्ती क्षेत्रों में जासूसी ड्रोन, जैसे कि जैसलमेर में चीनी ड्रोन की घटना।
- अवैध गतिविधियां: ड्रोन का उपयोग तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए, जैसे कि पंजाब में ड्रोन द्वारा हेरोइन की तस्करी।
- सुरक्षा जोखिम: हवाई क्षेत्र में ड्रोन का हस्तक्षेप, जैसे कि आपातकालीन हेलीकॉप्टर संचालन में बाधा।
सरकारी प्रतिक्रिया और नियम
भारत सरकार ने ड्रोन से संबंधित खतरों को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं:
- ड्रोन नियम 2025: डीजीसीए ने ड्रोन पंजीकरण, लाइसेंसिंग, और उड़ान अनुमतियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
- ड्राफ्ट सिविल ड्रोन बिल 2025: इस बिल में अवैध ड्रोन उड़ानों के लिए सख्त नियम और जेल की सजा का प्रावधान है।
- एंटी-ड्रोन तकनीक: भारत ने स्वार्म ड्रोन खतरों का मुकाबला करने के लिए एआई-आधारित एंटी-ड्रोन तकनीकों को अपनाया है।
निष्कर्ष: मुंबई में एक नई शुरुआत
मुंबई के एक पुलिस स्टेशन में, अजय शर्मा अब ड्रोन नियमों के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद कर रहे हैं। उनकी घटना ने उन्हें और उनके समुदाय को यह समझने के लिए प्रेरित किया कि ड्रोन तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग कितना महत्वपूर्ण है। 18 सितंबर 2025 तक, भारत में ड्रोन कैमरा से संबंधित घटनाओं की संख्या भले ही पूरी तरह स्पष्ट न हो, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह एक बढ़ती हुई चुनौती है। सरकार के सख्त नियम और जनता की जागरूकता इस दिशा में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
आइए, हम सभी मिलकर ड्रोन तकनीक का उपयोग सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से करें, ताकि यह हमारे समाज के लिए एक वरदान बने, न कि खतरा।