भारत के विकास में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का योगदान बेहद अहम रहा है। ये महिलाएं बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में लगातार जुटी रहती हैं। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं तक सरकारी योजनाएं पहुंचाना भी उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है। इतने महत्वपूर्ण कार्यों के बावजूद इन्हें लंबे समय से उचित वेतन नहीं मिल पा रहा था।
हाल ही में सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस फैसले से लाखों कार्यकर्ताओं को राहत मिलेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
क्यों थी वेतन बढ़ोतरी की ज़रूरत?
- कार्यकर्ताओं पर कई तरह की जिम्मेदारियां होती हैं, लेकिन मानदेय बहुत कम था।
- आर्थिक तंगी की वजह से कई बार उनका मनोबल प्रभावित होता था।
- वेतन बढ़ोतरी से उन्हें सामाजिक सम्मान भी मिलेगा।
बढ़ोतरी के फायदे
- आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
- काम के प्रति और अधिक उत्साह आएगा।
- महिलाओं और बच्चों के लिए चल रही योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से मिल सकेगा।
निष्कर्ष
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतन में बढ़ोतरी एक सकारात्मक कदम है। यह न केवल उनकी मेहनत का सम्मान है, बल्कि समाज के कमजोर तबकों तक सरकारी योजनाएं बेहतर तरीके से पहुंचाने की दिशा में भी मददगार साबित होगा। अब आगे ज़रूरत है कि इन कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं भी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएं।