नमस्ते! मेरा नाम अंशिका है ,आशा करते है की आप सब ठीक होंगे।आज मैं आपके लिए एक नया आर्टिकल लायी हूँ।
भारत त्योहारों का देश है। भारत के अलग – अलग राज्यों में अलग – अलग धार्मिक मान्यताओं के लोग रहते है। लेकिन नवरात्री का शुभ त्यौहार भक्तो में नई उमंग के साथ आता है। मंदिरो का सजाया जाता है। नवरात्री का त्यौहार बड़े ही उत्साह और भक्ति से मनाया जाता है। नवरात्री में माता रानी दुर्गा जी की आराधना किया जाता है। यह त्यौहार विशेषता ९ दिनों के लिए होता है। इसमें माँ दुर्गा जी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह तयोहार न केवल भक्ति और शक्ति का प्रतीक है अपितु यह नारी के आदर सम्मान करने का भी प्रभाव डालता है। आईये देखते है यह त्यौहार कैसे मानते है।
नवरात्री के प्रथम दिन में कलश स्थापना होती है , भक्तजन माता जी की पूजा आरती करते है। कुछ लोग नौ दिनों तक व्रत रहते है और दसवे दिन अन्न ग्रहण करते है, तो कुछ लोग केवल प्रथम एवं अंतिम दिन व्रत रहते है। नवरात्रि में माता रानी के ९ स्वरूपों की पूजा किया जाता है। तथा अंतिम दिन में हवन और श्रद्धा के साथ माता रानी की विदाई किया जाता है। जगह -जगह दुर्गा पंडाल सजाया जाता है। लोगो की मान्यताये है की देवी जी की पूजा करने से वो प्रसन्न होती है भक्तो सुख – समृधि का आशीर्वाद देती है। यह त्यौहार क्यों मनाया जाता है इसके पीछे भी एक धार्मिक मान्यता है की महिषासुर नामक एक राक्षस था जिसे देवताओ से यह वरदान मिला था की उसे कोई भी पुरुष नहीं मार सके, जिससे वह अभिमानी हो कर तीनो लोको में आतंक मचाया हुआ था तब सभी देवताओ ने मिल कर माँ दुर्गा का आव्हान किया तब देवी जी ने नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध करी और दसवे दिन उसे पराजित कर विजयी हुई। इस दिन विजयदशमी मनाया जाने लगा। जो बुराइयों पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
नवरत्रि का त्यौहार वर्ष में दो बार मनाया जाता है यह चैत्र व अशविन महीने में मनाया जाता है। नवरात्री में सप्तशती या अन्य धार्मिक ग्रंथो का पाढ़ किया जाता है। अश्विन महीने में नवरात्री के नौ दिनों तक दुर्गा जी की पूजा की जाती है। दशमी के दिन भगवान श्री राम जी की पूजा किया जाता है.