लेखक: एक जागरूक नागरिक की कलम से
आजकल देश के अलग-अलग शहरों से एक नई चिंता की ख़बरें सामने आ रही हैं—आसमान में मंडराते ड्रोन। कभी किसी कॉलोनी के ऊपर, तो कभी भीड़भाड़ वाले बाज़ार के ऊपर बिना इजाज़त उड़ते ये ड्रोन लोगों में डर और बेचैनी पैदा कर रहे हैं।
ड्रोन का इस्तेमाल पहले सिर्फ सेना, सुरक्षा एजेंसियों या वैज्ञानिक कामों तक सीमित था, लेकिन अब ये आम लोगों की पहुँच में भी हैं। सही इस्तेमाल हो तो ये तकनीक हमारे लिए वरदान साबित हो सकती है, लेकिन गलत हाथों में पड़ने पर खतरा बन सकती है।
क्यों बढ़ रही है दहशत?
- कई जगहों पर ड्रोन बिना किसी अनुमति के उड़ते हुए देखे गए हैं।
- संदिग्ध गतिविधियों की आशंका से लोग डर रहे हैं।
- सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि इनका इस्तेमाल जासूसी या गैर-कानूनी कामों के लिए हो सकता है।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती
सरकार ने ड्रोन इस्तेमाल के लिए नियम तो बनाए हैं, लेकिन उनके पालन में ढिलाई साफ दिख रही है। ज़रूरी है कि ड्रोन रजिस्ट्रेशन और ट्रैकिंग को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि कोई भी इसे गैर-कानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल न कर सके।
आम जनता की भूमिका
लोगों को भी सतर्क रहना होगा। अगर आपके इलाके में कोई संदिग्ध ड्रोन उड़ता दिखे तो तुरंत पुलिस या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
निष्कर्ष
ड्रोन तकनीक सही दिशा में इस्तेमाल हो तो खेती, दवाइयों की डिलीवरी, बचाव कार्य और कई अन्य क्षेत्रों में क्रांति ला सकती है। लेकिन अगर इसका गलत इस्तेमाल हुआ तो यह समाज और देश दोनों के लिए ख़तरा बन सकती है। अब वक्त आ गया है कि हम सभी इस “ड्रोन वाली दहशत” को सिर्फ डर के रूप में न देखें, बल्कि इसे सही नियमों और जागरूकता से एक अवसर में बदलें।